ईमानदारी इंसान के चरित्र का वो आंका हुआ गहना है कि यही है
जो वो किसी से बाँट या दे नहीं सकता क्योंकि यह स्वयं अर्जित होता है
कही से प्राप्त नहीं किया जा सकता ,
एक ईमानदार व्यक्ति कभी किसी अनजान व्यक्ति की नजरों से भयभीत नहीं होता
– लेखिका सुमन लता जी
